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कोरोना महामारी के खिलाफ भारत India against Coronavirus disease (COVID-19) pandemic


कोरोना के सम्बन्ध में जानकारी लेने से पहले भारत सरकार द्वारा जारी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन Download
आरोग्य सेतु एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है. इसे एप स्टोर के जरिये डाउनलोड किया जा सकता है. सुनिश्चित करें कि आरोग्‍य (Aarogya) और सेतु (Setu) के बीच कोई स्थान नहीं हो या फिर एप खोजने के लिए सर्च बार में 'AarogyaSetu' टाइप करें. हमने नीचे लिंक भी दिए हैं:


एंड्रॉयड : https://play.google.com/store/apps/details?id=nic.goi.aarogyasetu

आईओएस : https://apps.apple.com/in/app/aarogyasetu/id1505825357
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कोरोना वायरस क्या है ?

कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी हैकोरोनावायरस (Corona Virus) चीन (China) के शहर वुहान (Wuhan) से पहला मामला सामने आया था। कोरोनावायरस बीमारी की शुरुआत को लेकर चीनी प्रशासन ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला 31 दिसंबर को चीन के वुहान शहर के मांस-मछली और जानवरों के एक बाजार का था। इस व्यक्ति को बिल्कुल निमोनिया के बुखार जैसे लक्षण नजर आए। 
 हालांकि, लांसेट मेडिकल जर्नल में चीनी शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार कोविड 19 (Covid-19) से संक्रमित होने वाले पहले व्यक्ति का मामला 1 दिसंबर 2019 को सामने आया। इतना ही नहीं यह व्यक्ति वुहान के मछली थोक बाज़ार के संपर्क में नहीं आया था। जो हाल ही में पता चले एक नए वायरस की वजह से होती है.COVID-19 एक संक्रामक बीमारी है. यह बीमारी हाल ही में पाए गए कोरोनावायरस से होती है. यह एक नया वायरस है, इसके बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी. इसके बारे में सबसे पहले जानकारी दिसंबर, 2019 में चीन के वुहान में महामारी फैलने के बाद लोगों को मालूम चली.
बहुत से वायरस हैं, जो जानवरों और इंसानों में बीमारी को जन्म देते हैं. इंसानों में कोरोनावायरस से सांस लेने संबंधी दिक्कतें होती हैं, जिनमें सामान्य खांसी, जुकाम और ज्यादा से ज्यादा मिडिल ईस्ट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome) शुरू होता है. साथ ही मरीज को सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome) होने की भी संभावना रहती है. जिस कोरोनावायरस का प्रकोप इस समय फैला हुआ है, वह हाल में ही पाया गया है. इस वायरस से कोरोनावायरस नाम की बीमारी होती है. इसे COVID-19 के नाम से भी जाना जाता है. 
कोविड-19 की चपेट में आए ज़्यादातर लोगों को हल्के से लेकर मध्यम लक्षण अनुभव होंगे और वे बिना किसी खास इलाज के बीमारी से उबर जाते हैं.

कोरोना वायरस के लक्षण (Symptoms of Coronavirus):


कोरोना के कारण होने वाली खांसी आम खांसी नहीं होती. इस कारण लगातार खांसी हो सकती है यानी आपको एक घंटे या फिर उससे अधिक वक्त तक लगातार खांसी हो सकती है और 24 घंटों के भीतर कम से कम तीन बार इस तरह के दौरे पड़ सकते हैं. लेकिन अगर आपको खांसी में बलग़म आता है तो ये चिंता की बात हो सकती है.स वायरस के कारण शरीर का तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है जिस कारण व्यक्ति का शरीर गर्म हो सकता है और उसे ठंडी महसूस हो सकती है. व्यक्ति को शरीर में कंपकंपी भी महसूस हो सकती है.

इसके कारण गले में खराश, सिरदर्द और डाएरिया भी हो सकता है. हाल में आए एक ताज़ा शोध के अनुसार कुछ खाने पर स्वाद महसूस न होना और किसी चीज़ की गंध का महसूस न होना भी कोरोना वायरस का लक्षण हो सकता है.


  • बुखार
  • गले में खराश और सुखी खांसी 
  • सांस लेने में समस्या (गंभीर मामलों में)
  • फ्लू और कोल़्ड के होते है लक्षण
  • डायरिया और उल्टी
बुखार
कई विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण बुखार है।  जब तक बच्चों और वयस्कों के लिए कम से कम 100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) तक न पहुंच जाए। तब तक परेशान न हो कि आपको बुखार आ रहा है।
पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के पिट्सबर्ग मेडिकल सेंटर चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के बाल चिकित्सा संक्रामक रोगों के विभाजन के प्रमुख डॉ जॉन विलियम्स का कहना है कि बुखार के बारे में कई गलत धारणाएं हैं। औसत दैनिक तापमान 98.6 डिग्री फ़ारेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) है, लेकिन हम सभी वास्तव में दिन के दौरान काफी ऊपर और नीचे जाते हैं, जितना कि एक डिग्री या आधा डिग्री। इसलिए 99.0 और 99.5 डिग्री फारेनहाइट को बुखार नहीं कहा जा सकता है। यह तनाव के कारण भी हो सकता है। जब आप बुखार को चेक कर रहे हैं, तो सुबह बजाय दोपहर और शाम को को नापें।
सुखी खांसी / गले में खराश
कोरोना वायरस का अगला लक्षण कफ है। लेकिन नॉर्मल खांसी नहीं कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को गले में खराश और सुखी खांसी आती है।
इंडिया के डॉ.अंशुल वार्ष्णेय ने कोरोना वायरस के लक्षण (Coronavirus Symptoms) के बारे में बताया। उनके अनुसार अगर किसी व्यक्ति को सुखी खांसी और तेज बुखार है तो उसे एक बार जरूर जांच करानी चाहिए।
सांस लेने में समस्या
कोरोना वायरस की शिकायत होने के 5 दिन के अंदर  उस व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो सकती है। कई रिसर्च में सामना आया है कि सांस लेने की समस्या फेफड़ो में बलगम फैलने के कारण होती है।
फ्लू और कोल़्ड के होते है लक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस के लक्षण केवल बुखार, खांसी, सांस लेने की समस्या के अलावा फ्लू और कोल्ड की जैसे भी लक्षण नजर आते है।
डायरिया और उल्टी
जर्मनी के एक्सपर्ट ने कोरोना वायरस के नए लक्षण बताए है। यह लक्षण 66 प्रतिशत लोगों में देखें गए है। इसके अनुसार कोरोना से संक्रमित लोगों को सूंघने और स्वाद की क्षमता में भी असर पड़ता है। इसके अलावा 30 प्रतिशत लोगों को डायरिया और उल्टी के भी लक्षण देखे गए है।
कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में किंग्स कॉलेज लंदन की डॉक्टर नैटली मैक्डरमॉट कहती हैं, "वायरस के कारण रोग प्रतिरोधक तंत्र का संतुलन बिगड़ता है और सूजन दिखनी शुरू हो जाती है। हम अब तक ये नहीं जान पाए कि वायरस कैसे ये काम करता है।"
कोरोना वायरस के संक्रमण के आँकड़ों की तुलना में मरने वालों की संख्या को देखा जाए तो ये बेहद कम हैं. हालांकि इन आंकड़ों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन आंकड़ों की मानें तो संक्रमण होने पर मृत्यु की दर केवल एक से दो फ़ीसदी हो सकती है.
फ़िलहाल कई देशों में इससे संक्रमित हज़ारों लोगों का इलाज चल रहा है और मरने वालों का आँकड़ा बढ़ भी सकता है.
56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि -
  • 6 फ़ीसदी लोग इस वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए. इनमें फेफड़े फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम था.
  • 14 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के गंभीर लक्षण देखे गए. इनमें सांस लेने में दिक्क़त और जल्दी-जल्दी सांस लेने जैसी समस्या हुई.
  • 80 फ़ीसदी लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण देखे गए, जैसे बुखार और खांसी. कइयों में इसके कारण निमोनिया भी देखा गया.
माना जा रहा है कोरोना वायरस के लक्षण दिखना शुरु होने में औसतन पांच दिन का वक्त लग सकता है लेकिन कुछ लोगों में ये वक्त कम भी हो सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है.


COVID-19 कैसे फैलता है?

कोरोनावायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है. छोटी-छोटी बूंदों या ड्रॉपलेट्स के चलते यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है. जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो ड्रॉपलेट्स आस-पास की चीजों पर गिरते हैं. इसके बाद अन्य लोग भी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. हाथों में ड्रॉपलेट्स होने के बाद जब कोई व्यक्ति अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो कोरोनावायरस फैलने की उम्मीद रहती है. कोरोना से संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उसके आसपास के लोग भी उसी माहौल में सांस लेते हैं. ऐसे में उनको भी संक्रमण होने की संभावना रहती है इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि आप बीमार व्यक्ति से 1 मीटर या 3 फीट की दूरी पर रहें. 

कोरोना वायरस से बचाव (Cornavirus Precautions)


कोरोना वायरस बीमारी (Coronavirus disease) से खुद को बचाने के लिए हाइजीन का पूरा ख्याल रखें। इसके साथ हीविश्व स्वास्थ्य संगंठन ने कुछ बचाव के उपाय बताए है।  जिन्हें अपनाकर आप कोरोना वायरस का रोकथाम कर सकते है।
  • -कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को  सैनिटाइजर (sanitizer) या फिर हैंडवॉश और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं।
  • -कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जब आप बाहर से घर वापस आए तो सबसे पहले अपने हाथ धोएं।
  • -अगर आप बाहर है तो सैनिटाइजर का यूज करें। 
  • - खांसी या जुकाम है तो मास्क पहनें। इसके साथ ही छींक आते समय टिशू से मुंह को ढक लें। जिससे कोई दूसरी व्यक्ति इससे संक्रमित न हो। 
  • -उपयोग की गई टिशू को तुंरत डस्टबीन में डाल दें और अपने हाथ को धो लें।
  • खांसी या जुकाम वाले व्यक्ति से बातें करते या मिलते समय उससे करीब 1 मीटर यानी 3 फिट की दूसरी बनाकर रखें।
  • -डब्लूएचओ के अनुसार आप किसी जगह को छूते है तो हो सकता है कि उसमें वह वायरस हो। इसलिए नाक, आंख और मुंह को न छुएं।
  • -अस्पताल में भी ऐसे वार्ड्स की तरफ न जाएं जहां कोरोना वायरस के मरीज हों, अगर अस्पताल या क्लीनिक में काम करते हैं तो मास्क जरूर लगाएं। 
  • -ज्यादा प्रॉब्लम हो रही है तो घर पर रहें। इसके अलावा अगर आपको बुखार, खांसी , जुकाम हो या फिर सांस लेने में समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से सपंर्क करें 

  • -कोरोना वायरस से बचान करना चाहते हैं तो अच्छी तरह से पका हुआ खाना ही खाए। 
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इस बात में रत्ती भर भी शक नहीं है कि महामारी के इस दौर में मानसिक तनाव हो सकता है.
हो सकता है कि आपको बेचैनी महसूस हो रही हो, आप तनाव महसूस कर रहे हों, परेशान हो रहे हों, दुखी हों, अकेला महसूस कर रहे हों.
इसके लिए ब्रिटिश नेशनल हेल्थ सर्विस ने दस टिप्स दिए हैं जिससे आप अपने मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रख सकते हैं.
- अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ फ़ोन, वीडियो कॉल या फिर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में बने रहें.
- उन चीज़ों के बारे में बात करते रहें जिससे आपको परेशानी हो रही हो.
- दूसरे लोगों को भी समझने की कोशिश करें.
- अपनी नई दिनचर्या को व्यवहारिक तरीक़े से प्लान करें.
- अपने शरीर का ध्यान रखें. नियमित व्यायाम और ख़ान-पान का ध्यान रखें.
- आप जहां से भी जानकारियां ले रहे हों वो क्रेडिबल सोर्स हो और इस महामारी के बारे में बहुत अधिक ना पढ़ें.
- अपने व्यवहार को अपने नियंत्रण में रखें.
- अपने मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखें.
- वर्तमान पर फ़ोकस करें और यह याद रखें कि यह समय चिर-स्थायी नहीं है.
- अपनी नींद को किसी भी तरह से बाधित ना होने दें
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case in India-
कोरोना संकट (Coronavirus) को लेकर देश में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में अब तक के सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आए हैं. भारत में शुक्रवार को कोरोनावायरस (Covid-19) संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़कर एक लाख 20 हजार के करीब पहुंच गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोनावायरस से अब तक 3,583 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या 1,18,447 हो गई है. वहीं, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6088 नए मरीज मिले हैं और 148 लोगों की जान गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि 48,534 मरीज कोरोना को मात देने में कामयाब हुए हैं. रिकवरी रेट सुधर कर 40.9 प्रतिशत पर पहुंच गया है.'

 स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोनावायरस से अब तक 3,583 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या 1,18,447 हो गई है.


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